आर्थराइटिस की जांच कैसे होती है?HealthPlanet

Posted on Wed 30th Nov 2022 : 16:52

अर्थराइटिस का पता लगाने के लिए कौनसे टेस्ट किए जाते हैं?

अर्थराइट‍िस के लक्षण क्‍या हैं? अर्थराइट‍िस होने पर ज्‍वॉइंट्स में दर्द, सूजन, रेडनेस या मसल्‍स मूव करने में परेशानी हो सकती है। ये लक्षण कुछ द‍िनों में ठीक न हो तो डॉक्‍टर को द‍िखाएं। अर्थराइट‍िस की जांच करने के ल‍िए जब आप डॉक्‍टर के पास जाएंगे तो वो फ‍िज‍िकल एग्‍जाम के जर‍िए पता लगाएंगे क‍ि आपको अर्थराइट‍िस के लक्षण हैं भी या नहीं। मेड‍िकल हि‍स्‍ट्री जानने के बाद और फ‍िज‍िकल एग्‍जाम करने के बाद डॉक्‍टर आपको बताएंगे क‍ि आपको कौनसे टेस्‍ट करवाने हैं। अर्थराइट‍िस का पता लगाने के ल‍िए एक टेस्‍ट काफी नहीं है इसल‍िए हो सकता है आपको कई तरह के टेस्‍ट करवाने पड़ें। कई बार क‍िसी बीमारी की जांच करते हुए दूसरी बीमारी पकड़ आ जाती है इसल‍िए डॉक्‍टर कई टेस्‍ट करवाते हैं। कुछ ब्‍लड टेस्‍ट के जर‍िए बीमारी मॉन‍िटर की जाती है, हालांक‍ि क‍िसी ब्‍लड टेस्‍ट के आधार पर अर्थराइट‍िस की पुष्‍ट‍ि नहीं हो सकती। शुरूआत में कुछ ब्‍लड टेस्‍ट के अलावा डॉक्‍टर आपको एक्‍स-रे या एमआरआई के ल‍िए कह सकते हैं। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव से बात की।
अर्थराइट‍िस के क‍िन लक्षणों के नजर आने पर टेस्‍ट करवाने चाह‍िए?

ज्‍वॉइंट्स में क‍िसी भी तरह का दर्द, सूजन महसूस होने पर आपको डॉक्‍टर की सलाह पर टेस्‍ट करवाना चाह‍िए, ये अर्थराइट‍िस के लक्षण हो सकते हैं।
अगर आए द‍िन आपके ज्‍वॉइंट्स में चोट लग जाती है तो इस स्‍थ‍ित‍ि में भी आपको च‍िक‍ित्‍सा जांच की जरूरत पड़ सकती है।
अगर एक से ज्‍यादा ज्‍वॉइंट्स में दर्द है तो रूमेटाइड अर्थराइट‍िस के लक्षण हो सकते हैं, ऐसा होने पर तुरंत डॉक्‍टर के पास जाएं।
अगर कई द‍िनों से ज्‍वॉइंट्स में लगातार दर्द बना हुआ है तो ये अर्थराइट‍िस का एक लक्षण हो सकता है। आपको बीमारी का पता चलने पर दवा या थैरेपी की जरूरत पड़ सकती है।
अगर आपके ज्‍वॉइंट्स में रेडनेस महसूस हो तो भी ये नॉर्मल बात नहीं है, आपको डॉक्‍टर के पास जाकर टेस्‍ट करवाना चाह‍िए। हालांक‍ि एक दो द‍िन के दर्द के ल‍िए न घबराएं पर अगर रेडनेस बनी हुई है तो अर्थराइट‍िस हो सकता है।
अर्थराइट‍िस होने पर आपको ज्‍वॉइंट्स में कठोरपन महसूस होगा। ये लक्षण धीरे-धीरे बढ़ने लगते हैं, ऐसा होने पर आपको तुरंत डॉक्‍टर के पास जाकर टेस्‍ट करवाना चाह‍िए, ये अर्थराइट‍िस के लक्षण हो सकते हैं।

अर्थराइट‍िस का पता लगाने के ल‍िए इन टेस्‍ट को करवाने की जरूरत पड़ सकती है

कुछ कॉमन मेड‍िकल टेस्‍ट हैं ज‍िनकी मदद से अर्थराइट‍िस का पता लगाया जाता है जैसे-
1. एमआरआई और एक्‍स-रे (MRI and X-ray)

अर्थराइट‍िस का पता लगाने के ल‍िए डॉक्‍टर आपको एक्‍सरे या एमआरआई करवाने की सलाह दे सकते हैं। हालांक‍ि एक्‍स-रे में ल‍िगामेंट या मसल्‍स नजर नहीं आती हैं, उसके ल‍िए डॉक्‍टर एमआरआई करते हैं। एमआरआई की मदद से हड्डी, ज्‍वॉइंट्स में बदलाव या बीमारी का पता चलता है। अर्थराइट‍िस का पता लगाने के ल‍िए कुछ आर्गन की बायोप्‍सी भी की जाती है।
2. कंप्‍लीट ब्‍लड काउंट टेस्‍ट (Complete Blood Count Test)

कोई ब्‍लड टेस्‍ट सीधे अर्थराइट‍िस का पता नहीं लगा सकते पर इनकी मदद से आपको ये पता चल सकता है क‍ि अर्थराइट‍िस की आशंका है या नहीं। डॉ सीमा ने बताया क‍ि कंप्‍लीट ब्‍लड काउंट टेस्‍ट में डॉक्‍टर आरबीसी यानी रेड ब्‍लड सैल्‍स की जांच करते हैं, अगर आरबीसी कम हैं तो मरीज को अर्थराइट‍िस की आशंका हो सकती है। इसके अलावा वाइड ब्‍लड सैल्‍स, हीमोग्‍लोबिन और प्‍लेटलेट्स की जांच भी होती है।
3. एंटीन्यूक्लियर एंटीबॉडीज टेस्‍ट (Antinuclear Antibodies Test)

अर्थराइट‍िस का पता लगाने के ल‍िए कुछ केस में एंटीन्‍यूक्‍ल‍ियर एंटीबॉडीज टेस्‍ट भी क‍िया जाता है। 30 से 50 प्रत‍िशत अर्थराइट‍िस के मरीजों में एएनए टेस्‍ट पॉज‍िट‍िव ही आता है। अर्थराइट‍िस का पता कैसे चलता है? अगर आपको ज्‍वॉइंट्स में तीन द‍िन या उससे ज्‍यादा समय के ल‍िए दर्द होता है तो जरूर डॉक्‍टर को द‍िखाएं। अर्थराइट‍िस होने पर ज्‍वॉइंट्स में दर्द, सूजन, रेडनेस, मसल्‍स मूव करने में दर्द महसूस हो सकता है।
4. सी-रिएक्टिव प्रोटीन टेस्‍ट (C-reactive Protein Test)

अर्थराइट‍िस का पता लगाने के ल‍िए सी र‍िएक्‍ट‍िव प्रोटीन टेस्‍ट यानी सीबीसी क‍िया जाता है। सी र‍िएक्‍ट‍िव प्रोटीन लीवर में नैचुरली बनता है। सीआरपी में प्‍लाज्‍मा बढ़ने से बीमारी का पता लगाया जाता है। ज‍िन लोगों का सीआरपी बढ़ा आता है उन्‍हें अर्थराइट‍िस होने की आशंका रहती है।
5. यूर‍िक एस‍िड टेस्‍ट (Uric Acid Test)

ज‍िन लोगों को अर्थराइट‍िस होने की आशंका होती है उन्‍हें डॉक्‍टर यूर‍िक एस‍िड की जांच करवाने के ल‍िए कहते हैं। अगर आपके ब्‍लड में यूर‍िक एस‍िड की मात्रा ज्‍यादा म‍िलती है तो भी इसे अर्थराइट‍िस का संकेत माना जाता है। ब्‍लड में यूर‍िक एस‍िड ज्‍यादा होने से क्र‍िस्‍टल्‍स बनने लगते हैं जो क‍ि ज्‍वॉइंट्स और ट‍िशू में जमा हो जाते हैं। यूर‍िक एस‍िड के क्र‍िस्‍टल्‍स बनने से ज्‍वॉइंट्स में दर्द हो सकता है।

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